भारतीय संस्कृति में किसी भी नए वर्ष की शुरुआत पंचांग देखने के साथ होती है। विशेषकर उत्तर भारत में नया साल 2026 पंचांग देखने के लिए ठाकुर प्रसाद पंचांग सबसे भरोसेमंद माना जाता है। वर्ष 2026 ज्योतिषीय दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाला है क्योंकि इस वर्ष ग्रहों की चाल में बड़े बदलाव हो रहे हैं। ठाकुर प्रसाद पंचांग के अनुसार, 2026 में न केवल प्रमुख त्योहारों की तिथियों में अंतर आएगा, बल्कि विवाह और गृह प्रवेश के मुहूर्तों पर भी विशेष प्रभाव पड़ेगा।
हमारे इस विस्तृत ब्लॉग में, हम आपको Hindu Panchang 2026 के अनुसार वर्ष भर के सभी शुभ कार्यों, त्योहारों और ग्रहों की स्थिति की सटीक जानकारी देंगे, ताकि आप अपने साल की योजना पहले से बना सकें।
नया साल 2026 पंचांग: ग्रह और नक्षत्रों की विशेष स्थिति
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नया साल 2026 पंचांग कई मायनों में खास है। इस वर्ष विक्रम संवत 2082 से 2083 का परिवर्तन होगा। पंचांग की गणना बताती है कि 2026 में ग्रहों का राजा और मंत्री कौन होगा, इसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और आम आदमी के जीवन पर पड़ेगा। ठाकुर प्रसाद पंचांग हमेशा काशी के विद्वानों द्वारा तैयार की गई सटीक गणनाओं पर आधारित होता है।
2026 की शुरुआत में ही मकर संक्रांति और बसंत पंचमी जैसे पर्व शुभ योगों में आ रहे हैं, जो साल की सकारात्मक शुरुआत का संकेत देते हैं। हालांकि, जनवरी माह में कुछ समय के लिए शुक्र ग्रह के अस्त होने या खरमास के प्रभाव के कारण मांगलिक कार्यों में थोड़ी रुकावट आ सकती है, जिसे समझना आवश्यक है।
विक्रम संवत 2083 और अधिक मास का प्रभाव
वर्ष 2026 की सबसे बड़ी ज्योतिषीय घटना ‘अधिक मास’ या मलमास का होना है। Thakur Prasad Panchang 2026 के अनुसार, इस साल ज्येष्ठ माह दो बार आएगा, जिससे साल में कुल 13 महीने होंगे। यह घटना हर तीन साल में एक बार होती है। 17 मई 2026 से लेकर 15 जून 2026 तक अधिक ज्येष्ठ मास रहेगा। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य जैसे शादी, मुंडन या गृह प्रवेश वर्जित माना जाता है। लेकिन यह समय भगवान विष्णु की आराधना और दान-पुण्य के लिए सर्वोत्तम है। पंचांग के अनुसार इस अतिरिक्त महीने का असर रक्षाबंधन और दिवाली जैसे बाद के त्योहारों की तारीखों पर भी पड़ेगा।
जनवरी 2026 में ग्रहों का गोचर और खरमास
साल 2026 की शुरुआत पौष मास के कृष्ण पक्ष में होगी। 14 जनवरी 2026 तक खरमास रहेगा, जिसके कारण नए साल के पहले दो हफ्तों में विवाह जैसे मांगलिक कार्य नहीं हो पाएंगे। 14 जनवरी को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही मकर संक्रांति मनाई जाएगी और शुभ कार्यों की शुरुआत होगी। इसके अलावा, 2026 की शुरुआत में शनि और गुरु की स्थिति भी महत्वपूर्ण रहेगी। Hindu Panchang 2026 के अनुसार, इन ग्रहों का गोचर कई राशियों के लिए भाग्यशाली साबित होगा। यदि आप नए व्यापार की शुरुआत करना चाहते हैं, तो जनवरी के अंतिम सप्ताह तक प्रतीक्षा करना ज्योतिषीय रूप से लाभकारी रहेगा।
Thakur Prasad Panchang 2026 के अनुसार प्रमुख व्रत और त्यौहार
सनातन धर्म में त्योहारों का जीवन में गहरा महत्व है और इनकी सही तिथि जानना अनिवार्य है। Thakur Prasad Panchang 2026 में इस बार त्योहारों का अद्भुत संयोग बन रहा है। चाहे वह रंगों का त्योहार होली हो या दीपों का पर्व दिवाली, सही मुहूर्त में पूजा करने से ही फल की प्राप्ति होती है। 2026 में कई त्योहार अंग्रेजी कैलेंडर की तारीखों से थोड़े आगे-पीछे हो सकते हैं, जिसका मुख्य कारण अधिक मास का होना है। इस अनुभाग में हम आपको साल के सबसे बड़े त्योहारों की सटीक तिथियां और उनके शुभ मुहूर्त के बारे में विस्तार से बताएंगे ताकि आप अपनी छुट्टियां और पूजा-पाठ पहले से प्लान कर सकें।
होली और दिवाली 2026 की सटीक तिथियां
वर्ष 2026 में होली का पर्व मार्च के पहले सप्ताह में मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, 3 मार्च 2026 को होलिका दहन होगा और 4 मार्च 2026 (बुधवार) को रंगों वाली होली खेली जाएगी। इस बार होली पर विशेष ध्रुव योग बन रहा है। वहीं, रोशनी का त्योहार दिवाली 8 नवंबर 2026 (रविवार) को मनाया जाएगा। रविवार के दिन दिवाली होने से यह व्यापारियों के लिए अत्यंत शुभ मानी जा रही है। धनतेरस 6 नवंबर को और भाई दूज 11 नवंबर 2026 को पड़ेगी। इन तिथियों को अभी से अपने कैलेंडर में मार्क कर लें।
चैत्र और शारदीय नवरात्रि 2026
माता रानी के भक्तों के लिए नवरात्रि के नौ दिन सबसे पवित्र होते हैं। Hindu Panchang 2026 के अनुसार, चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च 2026 से होगी, जो हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत 2083) का भी आरंभ है। राम नवमी 27 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। वहीं, साल के अंत में आने वाली शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी और 19 अक्टूबर को महानवमी के साथ समाप्त होगी। 20 अक्टूबर 2026 को दशहरा (विजयादशमी) का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। दोनों नवरात्रों में घटस्थापना के मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
अन्य महत्वपूर्ण त्यौहार: रक्षाबंधन और जन्माष्टमी
भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन 2026 में अगस्त महीने के अंत में आएगा। पंचांग के अनुसार, रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026 (शुक्रवार) को मनाया जाएगा। भद्रा काल का विचार करके ही राखी बांधने का शुभ समय निकाला जाएगा। इसके अलावा, भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। भगवान गणेश का आगमन, यानी गणेश चतुर्थी 14 सितंबर 2026 को होगी। छठ पूजा, जो बिहार और यूपी का महापर्व है, दिवाली के 6 दिन बाद 15 नवंबर 2026 को नहाय-खाए के साथ शुरू होगी।
Hindu Panchang 2026: विवाह मुहूर्त की पूरी लिस्ट
अगर आप या आपके परिवार में कोई 2026 में शादी के बंधन में बंधने की योजना बना रहा है, तो यह जानकारी आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। Thakur Prasad Panchang 2026 में विवाह के लिए कई शुद्ध मुहूर्त दिए गए हैं, लेकिन कुछ महीने ऐसे भी हैं जहाँ एक भी मुहूर्त नहीं है। इस साल मई और जून में पड़ने वाले अधिक मास के कारण गर्मियों में शादियों के मुहूर्त कम हो सकते हैं। विवाह के लिए गुरु और शुक्र ग्रह का उदय होना अनिवार्य है। इसलिए, हम यहाँ महीने के हिसाब से विवाह की शुभ तिथियों की सूची दे रहे हैं ताकि आप वेन्यू और कैटरिंग की बुकिंग समय रहते कर सकें।
साल की शुरुआत (फरवरी-मई) के शुभ विवाह मुहूर्त
जनवरी 2026 में खरमास और शुक्र अस्त होने के कारण विवाह का कोई प्रबल मुहूर्त नहीं है। शहनाइयां फरवरी से बजना शुरू होंगी। फरवरी 2026 में विवाह की शुभ तारीखें हैं: 4, 5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25 और 26। मार्च में 2, 3, 4, 7, 8, 9, 11 और 12 तारीखें शुभ हैं। अप्रैल में 15, 20, 21, 25, 26, 27, 28 और 29 तारीख को विवाह हो सकते हैं। मई के महीने में 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13 और 14 तारीख तक ही मुहूर्त हैं, इसके बाद अधिक मास शुरू हो जाएगा।
साल के अंत (नवंबर-दिसंबर) में शादी के लग्न
मई के मध्य से लेकर जुलाई के अंत तक अधिक मास और चातुर्मास के कारण शादियों पर विराम लग जाएगा। Hindu Panchang 2026 के अनुसार, देवउठनी एकादशी 20 नवंबर 2026 को है, जिसके बाद ही शादियां दोबारा शुरू होंगी। नवंबर 2026 में विवाह की शुभ तिथियां 21, 24, 25 और 26 हैं। साल के आखिरी महीने दिसंबर 2026 में 2, 3, 4, 5, 6, 11 और 12 तारीख को विवाह के अत्यंत शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। सर्दियों की शादियों के लिए यह समय सबसे उत्तम रहेगा।
गृह प्रवेश, प्रमुख त्योहार और मुंडन मुहूर्त 2026
अपना घर होना हर व्यक्ति का सपना होता है, और उस घर में प्रवेश अगर सही मुहूर्त पर हो, तो वहां सुख-समृद्धि का वास होता है। नया साल 2026 पंचांग में गृह प्रवेश के लिए बहुत ही सीमित और विशेष मुहूर्त उपलब्ध हैं। वास्तु और ज्योतिष के अनुसार, कभी भी खरमास, अधिक मास या श्राद्ध पक्ष में नए घर में प्रवेश नहीं करना चाहिए। इसी प्रकार, बच्चों के मुंडन संस्कार के लिए भी शुभ नक्षत्रों का होना आवश्यक है। ठाकुर प्रसाद पंचांग में इन संस्कारों के लिए तिथि, वार और नक्षत्र का विस्तृत विवरण दिया गया है, जिसे हम यहाँ सरल भाषा में प्रस्तुत कर रहे हैं।
नए घर में प्रवेश के लिए शुभ तिथियां
यदि आप 2026 में अपने नए घर में शिफ्ट होना चाहते हैं, तो फरवरी, मार्च, मई और नवंबर-दिसंबर सबसे अच्छे महीने हैं।
- दिसंबर 2026: 2, 3, 4, 11, 12, 18, 19 तारीख। ध्यान दें कि गृह प्रवेश हमेशा दिन के समय (अभिजीत मुहूर्त) में करना श्रेष्ठ होता है।
- फरवरी 2026: 6, 11, 19, 20, 21, 25, 26 तारीखें शुभ हैं।
- मार्च 2026: 4, 5, 6, 9, 13, 14 तारीख को गृह प्रवेश कर सकते हैं।
- मई 2026: 4, 8 और 13 तारीख उत्तम है।
- नवंबर 2026: 11, 14, 20, 21, 25, 26 तारीख।
प्रमुख त्योहार एवं तिथि
- मकर संक्रांति 2026 – 14 जनवरी 2026
- महाशिवरात्रि 2026 – 15 फरवरी 2026
- होली 2026 – 04 मार्च 2026
- चैत्र नवरात्रि 2026 – 19 मार्च 2026
- राम नवमी 2026 – 27 मार्च 2026
- रक्षाबंधन 2026 – 28 अगस्त 2026
- हरितालिका तीज 2026 – 14 सितंबर 2026
- जन्माष्टमी 2026 – 4 सितंबर 2026
- शारदीय नवरात्रि 2026 – 11 अक्टूबर 2026
- दशहरा 2026 – 20 अक्टूबर 2026
- दीपावली 2026 – 8 नवंबर 2026
- छठ पूजा 2026 – 15 नवंबर 2026
मुंडन संस्कार के लिए बेहतरीन मुहूर्त
बच्चों का मुंडन संस्कार आमतौर पर विषम वर्षों (1, 3, 5वें वर्ष) में किया जाता है। Thakur Prasad Panchang 2026 के अनुसार, मुंडन के लिए चैत्र (मार्च-अप्रैल), वैशाख (अप्रैल-मई) और ज्येष्ठ (मई का पूर्वार्ध) महीने सबसे अच्छे माने जाते हैं। 2026 में 23 जनवरी (बसंत पंचमी) और 19 अप्रैल (अक्षय तृतीया) अबूझ मुहूर्त हैं, जिनमें बिना पंचांग देखे मुंडन कराया जा सकता है। इसके अलावा फरवरी और मार्च में पड़ने वाली शुभ द्वितीया, तृतीया और पंचमी तिथियां भी इस संस्कार के लिए उपयुक्त हैं। अधिक मास (मध्य मई से मध्य जून) में मुंडन वर्जित रहेगा।
मासिक पंचांग 2026: जनवरी से दिसंबर तक
Thakur Prasad Panchang 2026 पूरे वर्ष के सभी महीनों की महत्वपूर्ण तिथियों, व्रत-त्योहारों, शुभ-अशुभ मुहूर्तों, नक्षत्रों और ग्रह स्थितियों का विस्तृत विवरण प्रदान करता है। मासिक पंचांग विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो अपने जीवन की योजनाएँ—जैसे यात्रा, पूजा, गृह प्रवेश, विवाह या व्यवसाय—महीने के अनुसार पहले से निर्धारित करना चाहते हैं।
जनवरी से जून 2026 तक मकर संक्रांति, वसंत पंचमी, महाशिवरात्रि जैसे प्रमुख पर्व आते हैं। जुलाई से सितंबर के बीच सावन और भाद्रपद के पवित्र महीनों में कई व्रत और धार्मिक आयोजन होते हैं। वर्ष के अंतिम तीन महीने—अक्टूबर से दिसंबर—नवरात्रि, दशहरा, दीपावली और छठ पूजा जैसे महान पर्वों से भरे रहते हैं।
यह मासिक मार्गदर्शिका Hindu Panchang 2026 के आधार पर पूरे वर्ष की सही और विश्वसनीय धार्मिक जानकारी प्रदान करती है।


1. जनवरी 2026 पंचांग
जनवरी 2026 वर्ष की शुरुआत धार्मिक ऊर्जा के साथ होती है। इस महीने मकर संक्रांति और वसंत पंचमी जैसे महत्वपूर्ण व्रत आते हैं। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश से शुभ कार्यों की शुरुआत मानी जाती है। Thakur Prasad Panchang 2026 जनवरी माह की सभी तिथियाँ और मुहूर्त स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
Thakur Prasad – January (जनवरी) 2026 Panchang
2. फरवरी 2026 पंचांग
फरवरी 2026 में विजया एकादशी और महाशिवरात्रि जैसे प्रमुख पर्व आते हैं। यह महीना विद्या, भक्ति और शिव आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। Thakur Prasad Panchang 2026 के अनुसार इस माह कई शुभ नक्षत्र और योग बनते हैं।
Thakur Prasad – February (फरवरी) 2026 Panchang
3. मार्च 2026 पंचांग
मार्च 2026 रंगों और उत्साह का महीना है, जिसमें होली, चैत्र नवरात्रि, राम नवमी, कामदा एकादशी और पापमोचनी एकादशी जैसे पर्व मनाए जाते हैं। यह महीना आत्मशुद्धि और आनंद का प्रतीक है। Thakur Prasad Panchang 2026 मार्च माह के सभी पर्वों और तिथियों की सही जानकारी प्रदान करता है।
Thakur Prasad – March (मार्च) 2026 Panchang
4. अप्रैल 2026 पंचांग
अप्रैल 2026 में सीता नवमी, अक्षय तृतिया और हनुमान जयंती जैसे पवित्र पर्व आते हैं। यह महीना नववर्ष, शक्ति उपासना और धर्म की शुरुआत का संकेत देता है। Thakur Prasad Panchang 2026 के अनुसार अप्रैल शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
Thakur Prasad – April (अप्रैल) 2026 Panchang
5. मई 2026 पंचांग
मई 2026 में गंगा दशहरा, कमला एकादशी और अपरा एकादशी जैसे व्रत आते हैं। यह महीना भक्ति, संयम और आध्यात्मिक साधना का समय होता है। Thakur Prasad Panchang 2026 मई महीने के व्रत और मुहूर्त को सरल भाषा में दर्शाता है।
Thakur Prasad – May (मई) 2026 Panchang
6. जून 2026 पंचांग
जून 2026 में दुर्गा अष्टमी, निर्जला एकादशी और पदमा एकादशी जैसे महत्वपूर्ण व्रत और पर्व होते हैं। यह महीना तपस्या और पुण्य अर्जन के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। Thakur Prasad Panchang 2026 जून माह के शुभ-अशुभ समय की सटीक जानकारी देता है।
Thakur Prasad – June (जून) 2026 Panchang
7. जुलाई 2026 पंचांग
जुलाई 2026 में श्री जगदीश यात्रा, गुरु पूर्णिमा जैसे पर्व मनाए जाते हैं। यह महीना भगवान शिव की भक्ति और उपवास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। Thakur Prasad Panchang 2026 जुलाई पंचांग विस्तार से उपलब्ध कराता है।
Thakur Prasad – July (जुलाई) 2026 Panchang
8. अगस्त 2026 पंचांग
अगस्त 2026 में रक्षा बंधन, कजली और नाग पंचमी जैसे प्रमुख त्योहार आते हैं। यह महीना प्रेम, भक्ति और पारिवारिक संबंधों का प्रतीक है। Thakur Prasad Panchang 2026 अगस्त माह की तिथियाँ, व्रत और शुभ योग स्पष्ट रूप से बताता है।
Thakur Prasad – August (अगस्त) 2026 Panchang
9. सितंबर 2026 पंचांग
सितंबर 2026 में गणेश चतुर्थी, जन्माष्टमी, राधा अष्टमी और अनंत चतुर्दशी जैसे बड़े पर्व मनाए जाते हैं। यह महीना भाद्रपद की धार्मिक गतिविधियों से भरा रहता है। Thakur Prasad Panchang 2026 सितंबर माह के सभी उत्सवों और मुहूर्तों की सटीक जानकारी देता है। देता है।
Thakur Prasad – September (सितंबर) 2026 Panchang
10. अक्टूबर 2026 पंचांग
अक्टूबर 2026 में शारदीय नवरात्रि, दशहरा और कोजागरी पूर्णिमा जैसे प्रमुख पर्व आते हैं। यह महीना शक्ति, विजय और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। Thakur Prasad Panchang 2026 के अनुसार अक्टूबर शुभ पूजा और अनुष्ठानों के लिए अत्यंत अनुकूल है।
Thakur Prasad – October (अक्टूबर) 2026 Panchang
11. नवंबर 2026 पंचांग
नवंबर 2026 दीपावली का पावन महीना है, जिसमें धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, छठ पूजा और भाई दूज मनाए जाते हैं। यह महीना प्रकाश, समृद्धि और सुख-शांति का प्रतीक है। Thakur Prasad Panchang 2026 नवंबर माह के पर्वों और मुहूर्तों की पूरी जानकारी देता है।
Thakur Prasad – November (नवंबर) 2026 Panchang
12. दिसंबर 2026 पंचांग
दिसंबर 2026 में मार्गशीर्ष मास के व्रत, मोक्षदा एकादशी और वर्ष के अंतिम शुभ विवाह मुहूर्त आते हैं। यह महीना आत्मचिंतन और नए वर्ष की तैयारी का समय होता है। Thakur Prasad Panchang 2026 दिसंबर माह की तिथियाँ और शुभ समय विस्तार से बताता है।
Thakur Prasad – December (दिसंबर) 2026 Panchang
2026 में सूर्य और चंद्र ग्रहण: कब और कहाँ?
ग्रहण की घटनाओं का हिंदू धर्म में गहरा प्रभाव माना जाता है। ग्रहण के दौरान सूतक काल लगता है जिसमें पूजा-पाठ और भोजन निषेध होता है। Hindu Panchang 2026 के अनुसार, इस वर्ष कुल 3 प्रमुख ग्रहण लगने वाले हैं, जिनमें से कुछ भारत में दिखाई देंगे और कुछ नहीं। गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को ग्रहण के समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ठाकुर प्रसाद पंचांग में ग्रहण के मोक्ष और स्पर्श का समय विस्तार से दिया गया है। आइये जानते हैं कि 2026 में सूर्य और चंद्र ग्रहण कब पड़ रहे हैं और उनका भारत पर क्या प्रभाव होगा।
क्या भारत में दिखेगा सूर्य ग्रहण 2026?
साल 2026 में दो सूर्य ग्रहण होंगे। पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को लगेगा, जो एक वलयाकार ग्रहण होगा, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए इसका सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा। दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को होगा, जो पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। यह यूरोप और उत्तरी अमेरिका के हिस्सों में दिखेगा, लेकिन भारत में रात होने के कारण यह भी दृश्यमान नहीं होगा। अतः 2026 में सूर्य ग्रहण को लेकर भारत में धार्मिक कार्यों पर कोई रोक-टोक नहीं रहेगी।
होली पर चंद्र ग्रहण का साया
सबसे महत्वपूर्ण घटना 3 मार्च 2026 को होगी, जब पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा। खास बात यह है कि इसी दिन होली (होलिका दहन के आसपास) का भी समय होगा। चूंकि यह भारत में दृश्यमान है, इसलिए इसका सूतक काल मान्य होगा। Thakur Prasad Panchang 2026 के अनुसार, होलिका दहन की पूजा का समय ग्रहण के सूतक काल से पहले या बाद में निर्धारित किया जाएगा। दूसरा चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को होगा, जो आंशिक होगा और भारत में दिखाई नहीं देगा।
निष्कर्ष
नया साल 2026 पंचांग हमें न केवल तिथियों का ज्ञान देता है, बल्कि हमारे जीवन को अनुशासित और शुभ बनाने में मदद करता है। ठाकुर प्रसाद पंचांग की गणनाओं के अनुसार, 2026 परिवर्तनों का वर्ष है, विशेषकर अधिक मास के कारण। आप ऊपर दी गई विवाह, गृह प्रवेश और त्योहारों की लिस्ट का उपयोग करके अपने साल को बेहतर ढंग से प्लान कर सकते हैं। अपने शुभ कार्यों के लिए हमेशा स्थानीय पंडित या पंचांग की भौतिक प्रति से समय का मिलान अवश्य करें।
नया साल 2026 और ठाकुर प्रसाद पंचांग – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
ठाकुर प्रसाद पंचांग 2026 के अनुसार होली कब मनाई जाएगी?
ठाकुर प्रसाद पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में होली का त्योहार मार्च के पहले सप्ताह में है। होलिका दहन 3 मार्च 2026 को किया जाएगा और रंगों वाली होली (धुलंडी) 4 मार्च 2026, बुधवार को खेली जाएगी। इस दिन ध्रुव योग बन रहा है जो पूजा के लिए अत्यंत शुभ है।
साल 2026 में दिवाली की सही तारीख क्या है?
हिंदू पंचांग 2026 के अनुसार, रोशनी का महापर्व दिवाली 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाया जाएगा। इस बार दिवाली रविवार को पड़ने से यह व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए विशेष धन लाभ और समृद्धि लाने वाला संयोग बना रही है। लक्ष्मी पूजा का समय शाम को प्रदोष काल में होगा।
क्या 2026 में अधिक मास (मलमास) लगेगा?
जी हाँ, विक्रम संवत 2083 में अधिक मास (Adhik Maas) लगेगा। ठाकुर प्रसाद पंचांग के अनुसार, 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक ‘अधिक ज्येष्ठ मास’ रहेगा। इस एक महीने के दौरान शादी, मुंडन, और गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य वर्जित रहेंगे, लेकिन दान-पुण्य के लिए यह सर्वोत्तम समय है।
2026 में विवाह के लिए सबसे शुभ महीने कौन से हैं?
वर्ष 2026 में विवाह के लिए फरवरी, अप्रैल, नवंबर और दिसंबर सबसे अच्छे महीने हैं। मई और जून में अधिक मास (मलमास) लगने के कारण गर्मियों में विवाह के मुहूर्त बहुत कम हैं। देवउठनी एकादशी (20 नवंबर 2026) के बाद सर्दियों में शादियों की भारी लगन रहेगी।
ठाकुर प्रसाद पंचांग 2026 के अनुसार गृह प्रवेश के शुभ मुहूर्त कब हैं?
नए घर में प्रवेश के लिए 2026 में फरवरी, मार्च और दिसंबर का महीना सबसे उत्तम है। विशेष रूप से बसंत पंचमी और अक्षय तृतीया (19 अप्रैल 2026) को अबूझ मुहूर्त माना जाता है, जिसमें आप बिना पंचांग देखे गृह प्रवेश कर सकते हैं।
2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी को है या 15 जनवरी को?
ठाकुर प्रसाद कैलेंडर 2026 की गणना के अनुसार, सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी की दोपहर के बाद होगा। इसलिए, उदया तिथि के मान को देखते हुए मकर संक्रांति का पुण्य काल और स्नान-दान का पर्व 14 जनवरी 2026 को ही मनाया जाएगा।
वर्ष 2026 में चैत्र और शारदीय नवरात्रि कब शुरू हो रही हैं?
2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च (राम नवमी) तक चलेंगी। वहीं, शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से होगी और 19 अक्टूबर को महानवमी होगी। 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी (दशहरा) का पर्व मनाया जाएगा।
क्या 2026 में कोई सूर्य या चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा?
हाँ, 2026 में 3 मार्च को लगने वाला ‘पूर्ण चंद्र ग्रहण’ भारत में दिखाई देगा। चूंकि यह होली के आसपास है, इसलिए इसका सूतक काल मान्य होगा। इसके अलावा 17 फरवरी और 12 अगस्त को सूर्य ग्रहण भी हैं, लेकिन वे भारत में दृश्यमान नहीं होंगे।
2026 में मुंडन संस्कार के लिए कौन से दिन शुभ हैं?
मुंडन के लिए 2026 में चैत्र (मार्च-अप्रैल) और वैशाख (अप्रैल-मई) के महीने सबसे शुभ हैं। अधिक मास शुरू होने से पहले, यानी 15 मई 2026 तक मुंडन करवा लेना चाहिए। सोमवार, बुधवार और शुक्रवार के दिन मुंडन संस्कार के लिए अच्छे माने जाते हैं।
ठाकुर प्रसाद पंचांग 2026 का कैलेंडर PDF कैसे डाउनलोड करें?
ठाकुर प्रसाद पंचांग 2026 का डिजिटल या PDF वर्जन उनकी आधिकारिक वेबसाइट thakurprasad.in पर उपलब्ध है।
